सत्यमेव जयते टीवी प्रोग्राम - एक सीख
मैं पिछले कुछ वर्षो से यह प्रोग्राम नियमित देख रहा हूँ और मेरा यह मानना है की इस आदर्श प्रोग्राम के जरिये हम कई सीख ले सकते हैं। मेरे अंदर हर बार एक अदभुत उत्साह का संचार उत्पन्न करता है इस प्रोग्राम का हर एक अंश और मई कई बार अपने मन मे प्रतिज्ञा लेता हूँ की मुझे भी कुछ ऐसा करना चाहिए।
आज का कार्यक्रम फिर एक नया सन्देश लेकर आया और मेरा विश्वास है एक "खेल" के माध्यम से हम सभी भारतवासी मिलजुलकर अपने देश को पदक जिताने मे अपना योगदान दे सकते हैं जैसा की हमने आज के कार्यक्रम मे देखा की जहाँ एक तरफ समाज के कुछ लोग लड़कियों को अपने घरो से बाहर नही जाने देते और वहीँ दूसरी तरफ एक विचारधारक आदमी अपने लड़कियों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करता है। दोस्तों मै भी उसी जाति समाज का एक हिस्सा हूँ जहाँ ऐसा सब मैंने अपने बचपन से देखा हूँ। मेरे समाज के कुछ अच्छे लोग उस कमजोरी से लड़कर अपने घरो की लड़कियों को प्रोत्साहित कर रहे है और बही लड़कियां अपने माता पिता के संघर्ष का सम्मान करते हुए देश की प्रतिष्ठा भी बढ़ा रही हैं। "साइना नेहवाल " से ज्यादा मुझे उनके पिता पर गर्व है जिनके त्याग, सय्यम और कठिन परिश्र्म से हमारे देश को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम मे दिखाए गए कुछ पलों से मै मंत्रमुग्ध था और मैंने अपने कुछ विचारो को to - do तालिका मे जोड़ा। महिला पहलवान की कहानी तो बहुत ही रोचक लगी, बबिता और सरिता जैसी हमारे देश मे अनेक ऐसी महिलाएं हैं जिन्हे यदि अवसर और अपने घर वालों का साथ मिले तो अनेकों पदक हमारी झोली मे आ सकते हैं। मै एक अच्छा खिलाड़ी नही हूँ पर मैंने अपने आप को खेल मे जिज्ञासु बनाने के लिए कई प्रयत्न किए और सफलता हासिल की। आज मुझे लगता है की इस भाग -दौड़ की जिंदगी मे अपने शारीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें अपने आप को खेलो से जोड़ना चहिये। मै दक्षिण भारत के "बी" ग्रेड शहर मे रहता हूँ और मैने यहाँ के लोगों की तुलना उत्तर भारत क शहरो मे रह रहे भारतियों से की और पाया की दक्षिण भारत के लोग अपनी जीवनशैली मे खेल का अधिक बहुत महत्व रखते हैं। मेरी आप सभी से विनती है की हम अपने बच्चो को खेलों के लिए प्रोत्साहित करें और अपने देख को एक स्वस्थ भारत निर्माण मे मोदी जी का सपना सफल करने मे अपना एक छोटा सा योगदान दें, ऐसा करने से हम भारत को एक नया स्थान अगले ओलिंपिक गेम्स मे भी दे सकते हैं। मै समझ की गोल्फ, लॉन टेनिस जैसे खेल सभी भारतीय नही अपना सकते लेकिन हममें से कई समर्थ लोग अपने छोटे से छोटे योगदान से गरीब खिलाडियों कीमदद जरूर कर सकते हैं।
स्वस्थ भारत, दुरुस्त भारत…… समृद्ध भारत, अग्रणी भारत ………
मैं पिछले कुछ वर्षो से यह प्रोग्राम नियमित देख रहा हूँ और मेरा यह मानना है की इस आदर्श प्रोग्राम के जरिये हम कई सीख ले सकते हैं। मेरे अंदर हर बार एक अदभुत उत्साह का संचार उत्पन्न करता है इस प्रोग्राम का हर एक अंश और मई कई बार अपने मन मे प्रतिज्ञा लेता हूँ की मुझे भी कुछ ऐसा करना चाहिए।
आज का कार्यक्रम फिर एक नया सन्देश लेकर आया और मेरा विश्वास है एक "खेल" के माध्यम से हम सभी भारतवासी मिलजुलकर अपने देश को पदक जिताने मे अपना योगदान दे सकते हैं जैसा की हमने आज के कार्यक्रम मे देखा की जहाँ एक तरफ समाज के कुछ लोग लड़कियों को अपने घरो से बाहर नही जाने देते और वहीँ दूसरी तरफ एक विचारधारक आदमी अपने लड़कियों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करता है। दोस्तों मै भी उसी जाति समाज का एक हिस्सा हूँ जहाँ ऐसा सब मैंने अपने बचपन से देखा हूँ। मेरे समाज के कुछ अच्छे लोग उस कमजोरी से लड़कर अपने घरो की लड़कियों को प्रोत्साहित कर रहे है और बही लड़कियां अपने माता पिता के संघर्ष का सम्मान करते हुए देश की प्रतिष्ठा भी बढ़ा रही हैं। "साइना नेहवाल " से ज्यादा मुझे उनके पिता पर गर्व है जिनके त्याग, सय्यम और कठिन परिश्र्म से हमारे देश को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम मे दिखाए गए कुछ पलों से मै मंत्रमुग्ध था और मैंने अपने कुछ विचारो को to - do तालिका मे जोड़ा। महिला पहलवान की कहानी तो बहुत ही रोचक लगी, बबिता और सरिता जैसी हमारे देश मे अनेक ऐसी महिलाएं हैं जिन्हे यदि अवसर और अपने घर वालों का साथ मिले तो अनेकों पदक हमारी झोली मे आ सकते हैं। मै एक अच्छा खिलाड़ी नही हूँ पर मैंने अपने आप को खेल मे जिज्ञासु बनाने के लिए कई प्रयत्न किए और सफलता हासिल की। आज मुझे लगता है की इस भाग -दौड़ की जिंदगी मे अपने शारीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें अपने आप को खेलो से जोड़ना चहिये। मै दक्षिण भारत के "बी" ग्रेड शहर मे रहता हूँ और मैने यहाँ के लोगों की तुलना उत्तर भारत क शहरो मे रह रहे भारतियों से की और पाया की दक्षिण भारत के लोग अपनी जीवनशैली मे खेल का अधिक बहुत महत्व रखते हैं। मेरी आप सभी से विनती है की हम अपने बच्चो को खेलों के लिए प्रोत्साहित करें और अपने देख को एक स्वस्थ भारत निर्माण मे मोदी जी का सपना सफल करने मे अपना एक छोटा सा योगदान दें, ऐसा करने से हम भारत को एक नया स्थान अगले ओलिंपिक गेम्स मे भी दे सकते हैं। मै समझ की गोल्फ, लॉन टेनिस जैसे खेल सभी भारतीय नही अपना सकते लेकिन हममें से कई समर्थ लोग अपने छोटे से छोटे योगदान से गरीब खिलाडियों कीमदद जरूर कर सकते हैं।
स्वस्थ भारत, दुरुस्त भारत…… समृद्ध भारत, अग्रणी भारत ………
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